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बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की एक अदालत ने मंगलवार को अप्रैल 2023 में सांप्रदायिक झड़पों के बाद एक आदमी और उसके बेटे की हत्या के आरोपी 17 लोगों को बरी कर दिया है।
बचाव पक्ष के वकील मनोज नामदेव ने कहा कि एडिशनल सेशंस जज साक्षी दीक्षित ने 64 गवाहों की जांच के बाद ये फैसला सुनाया है।
उन्होंने आगे कहा कि अदालत ने आरोपियों को संदेह का लाभ दिया है।
डाकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम (28), मनीष वर्मा (23), समारू नेताम (43), पूरन पटेल (19), राजकुमार निषाद (19), भोला निषाद (23), दूधनाथ साहू (27), अरुण रजक (18), चंदन साहू (20), होमेंद्र नेताम (25), तकेंद्र साहू (22), राम निषाद (19), अजय कुमार साहू (25), चिंताराम साहू (68), लोकेश साहू (23), वरुण साहू (18) और राजेश साहू (23) को बरी कर दिया गया है।
बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में 8 अप्रैल, 2023 को अलग-अलग समुदायों के स्कूली बच्चों के बीच कथित लड़ाई के बाद हिंसा भड़क गई थी।
हिंसा के दौरान, 22 साल के भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। झड़प के दौरान कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए थे।
इसके बाद, उसी गांव के रहने वाले रहीम मोहम्मद (55) और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) की लाशें 11 अप्रैल को मिलीं थी। दोनों को पत्थरों और लाठियों से मारा गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
भुनेश्वर साहू की हत्या से जुड़ा मामला अप्रैल 2024 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंप दिया गया था, और इसकी सुनवाई रायपुर की सीबीआई कोर्ट में हो रही है।
भाजपा ने उस समय की कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया था और भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को विधानसभा चुनाव में साजा सीट से मैदान में उतारा था।
साहू ने उस समय के मंत्री और कांग्रेस नेता रवींद्र चौबे को हराया था।